उठो लाल अब आँखे खोलो - सुंदर हिन्दी गीत
उठो लाल अब आँखे खोलो एक सुंदर और सरल हिन्दी गीत है, जिसे अयोध्या सिंह हरिऔध जी ने लिखा। यह गीत लाखों बच्चों को जगाने के लिए माता-पिता द्वारा गाया जाता है।
POEMS/कविता
अयोध्या सिंह हरिऔध
12/19/20251 मिनट पढ़ें


उठो लाल अब आँखें खोलो
उठो लाल अब आँखें खोलो,
पानी लायी हूँ मुंह धो लो।
बीती रात कमल दल फूले,
उसके ऊपर भँवरे झूले।
चिड़िया चहक उठी पेड़ों पे,
बहने लगी हवा अति सुंदर।
नभ में प्यारी लाली छाई,
धरती ने प्यारी छवि पाई।
भोर हुई सूरज उग आया,
जल में पड़ी सुनहरी छाया।
नन्ही नन्ही किरणें आई,
फूल खिले कलियाँ मुस्काई।
इतना सुंदर समय मत खोओ,
मेरे प्यारे अब मत सोओ।
— अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध


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