मण्डल कमीशन

1990 में मण्डल कमीशन के विरोध में निर्दोष युवकों की पीड़ा को व्यक्त करती एक कविता.

POEMS/कविता

किशन बहादुर उपाध्याय

1/27/20261 मिनट पढ़ें

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इतनी बात नहीं आती है विश्वनाथ के ज्ञान में,

आरक्षण से आग लगी है पूरे हिंदुस्तान में,

भूखों का भूगोल एक है भवन में हों या छप्पर में ,

जाने कितने शीश गिरेंगे काली माँ के खप्पर में,

सामंतों की राजनीति है राजमुकुट के चक्कर में,

कौन करेगा फ़र्क यहाँ पर घोड़ों में और खच्चर में,

ऊँची जात खुदा ने दी है, नहीं मिली है दान में ,

इतनी बात नहीं आती है विश्वनाथ के ज्ञान में II

(कवि किशन बहादुर उपाध्याय - मण्डल कमीशन लागू होने के बाद अगड़ी जाति के युवक के आत्मदाह पर)