जीवन की क्षणभंगुरता पर कविता

यह कविता जीवन की क्षणभंगुरता और पहचान की असारता का कुंभकारी दर्शन प्रस्तुत करती है। यह नश्वर रचनाओं के चक्रीय लीला-भाव और सृजन की अनंत संभावनाओं को उद्घाटित करती है।

POEMS/कविता

निदा फाजली

1/29/20261 मिनट पढ़ें

black blue and yellow textile
black blue and yellow textile

आओ
कहीं से थोड़ी सी मिट्टी भर लाएँ
मिट्टी को बादल में गूँथें
चाक चलाएँ
नए-नए आकार बनाएँ

किसी के सर पे चुटिया रख दें
माथे ऊपर तिलक सजाएँ
किसी के छोटे से चेहरे पर
मोटी सी दाढ़ी फैलाएँ

कुछ दिन इनसे जी बहलाएँ
और यह जब मैले हो जाएँ

दाढ़ी चोटी तिलक सभी को
तोड़-फोड़ के गड़-मड़ कर दें
मिली हुई यह मिट्टी फिर से
अलग-अलग साँचों में भर दें

चाक चलाएँ
नए-नए आकार बनाएँ

दाढ़ी में चोटी लहराए
चोटी में दाढ़ी छुप जाए
किसमें कितना कौन छुपा है
कौन बताए